GST कंपोज़िशन स्कीम – पूरी जानकारी (Composition Scheme)
कंपोज़िशन स्कीम छोटे करदाताओं के लिए एक सरल विकल्प है, जिसमें कम टैक्स दर और कम कागजी कार्रवाई होती है। इसके तहत आप हर महीने रिटर्न नहीं भरते, बल्कि तिमाही (quarterly) रिटर्न भरते हैं।
पात्रता (Eligibility):
- केवल माल (goods) से जुड़े व्यवसाय (सेवाएँ नहीं, छोटे सेवा प्रदाता अपवाद हैं)
- सालाना टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से कम (उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों में ₹75 लाख)
- अंतर-राज्यीय सप्लाई (interstate) करने वाले इस स्कीम में नहीं आ सकते
- ई-कॉमर्स ऑपरेटर (Amazon, Flipkart) भी नहीं ले सकते
टैक्स दरें (कंपोज़िशन स्कीम में):
- निर्माता (Manufacturers) – 1% (CGST 0.5% + SGST 0.5%)
- रेस्तरां (Restaurants – 1% (CGST 0.5% + SGST 0.5%)
- अन्य व्यवसाय (Traders) – 1% (CGST 0.5% + SGST 0.5%)
- सर्विस प्रोवाइडर (हाल ही में जोड़े गए – ₹50 लाख तक टर्नओवर) – 6% (CGST 3% + SGST 3%)
फायदे:
- कम टैक्स देना
- कम रिटर्न (साल में 4 रिटर्न + 1 सालाना)
- ऑडिट की जरूरत नहीं
नुकसान:
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं ले सकते
- अपने ग्राहक को टैक्स इनवॉइस नहीं दे सकते (कंपोज़िशन इनवॉइस अलग होती है)
- अंतर-राज्यीय बिक्री नहीं कर सकते
कैसे आवेदन करें?
GST पोर्टल पर जाकर फॉर्म GST CMP-02 भरें। स्विच करने की अंतिम तारीख – नए वित्त वर्ष के पहले दिन (1 अप्रैल) से 30 दिन के अंदर।
महत्वपूर्ण: यदि आपने कंपोज़िशन स्कीम चुनी है, तो अपने इनवॉइस पर "Composition Taxpayer" लिखना अनिवार्य है।

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