GST रिटर्न देरी से फाइल करने पर कितना लगेगा? (Late Fees & Penalty)
यदि आप GSTR-1 या GSTR-3B समय पर (11वीं और 20वीं तारीख) नहीं भरते हैं, तो आपको लेट फीस + ब्याज देना होता है।
लेट फीस की दर (वित्त अधिनियम 2024 के बाद):
- नल (शून्य) राशि वाले रिटर्न के लिए:
- GSTR-3B – ₹500 प्रति दिन (CGST ₹250 + SGST ₹250)
- GSTR-1 – ₹200 प्रति दिन (CGST ₹100 + SGST ₹100)
- टैक्स वाले रिटर्न के लिए:
- GSTR-3B – ₹50 प्रति दिन (ज्यादा से ज्यादा ₹5000) – नियम बदलता रहता है, अभी के लिए: देरी के दिन × ₹50
- नया नियम (1 फरवरी 2025 से): अधिकतम लेट फीस ₹5,000 (CGST+SGST मिलाकर)
ब्याज (Interest):
- 18% प्रति वर्ष (उस टैक्स पर जो आपने नहीं भरा)
- ब्याज की गणना उस दिन से जब टैक्स जमा होना था (20वीं) से लेकर जमा करने की तारीख तक
उदाहरण:
मान लीजिए आपको GSTR-3B फाइल करना था 20 मई को, लेकिन आपने 10 जून को फाइल किया।
- देरी के दिन = 21 (20 मई से 9 जून तक? स्पष्टीकरण: 21 मई से 10 जून तक 21 दिन? गणना: 21 मई से 31 मई = 11 दिन, 1-10 जून = 10 दिन, कुल 21 दिन)
- लेट फीस = 21 × ₹50 = ₹1050
- ब्याज = (बकाया टैक्स) × 18%/365 × 21 दिन
और पेनल्टी कब लगती है?
- यदि आपने जानबूझकर टैक्स नहीं चुकाया, तो 100% टैक्स की राशि तक दंड (penalty) हो सकता है।
- बिना इनवॉइस के माल बेचने पर ₹10,000 या टैक्स जितना (जो अधिक हो)।
नोटिस मिलने पर क्या करें?
- सबसे पहले बकाया टैक्स + ब्याज + लेट फीस जमा करें
- माफी (वेवर) के लिए आवेदन कर सकते हैं यदि 15 दिन के अंदर सुधार कर लें (S. 73/74)
नया नियम 2025: छोटे व्यवसायों (टर्नओवर < 5 करोड़) के लिए लेट फीस अधिकतम ₹2000 प्रति रिटर्न तय की गई है।
सुझाव: रिटर्न हमेशा 1 हफ्ते पहले फाइल कर दें – क्योंकि पोर्टल आखिरी दिन धीमा हो जाता है।

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